सनातन हिन्दू महोत्सव तालकटोरा स्टेडियम 7 फरवरी 2026
हिंदू समाज को बंटना नहीं, एक होना है: श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज
सनातन धर्म सदैव ही पूरी मानवता के कल्याण की बात करता है: श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज
हिंदुओं को एकजुट करने का कार्य संत ही कर सकते हैं: आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि महाराज
सनातन धर्म को जोड़ने व एकजुट करने के लिए संतों को आगे आना होगा: महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत महाराज
नई दिल्ली:
विश्व हिंदू महासंघ द्वारा शनिवार को तालकटोरा स्टेडियम में सनातन हिंदू महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में देश-विदेश के हजारों संतों व भक्तों ने भाग लिया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मां मनसा देवी ट्रस्ट, हरिद्वार के अध्यक्ष, अखिल भारतीय सनातन परिषद के संस्थापक अध्यक्ष, श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज तथा सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज महोत्सव के मुख्य अतिथि रहे।
श्रीमहंत डॉ.रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि आज हिंदू ही हिंदू का सबसे बड़ा दुश्मन बनता जा रहा है। हिंदू समाज को सबसे बड़ा खतरा हिंदुओं से ही है। हमें बंटना नहीं है, बल्कि जुड़ना है और इसके लिए हिंदू समाज की सोच को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले न तो कोई प्रधानमंत्री और न ही कोई मंत्री भगवान के आगे सिर झुकाता था, किंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में रामलला के समक्ष नतमस्तक हुए। हमें ऐसे हिंदू प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘एक रहो, सेफ रहो’ के मंत्र का अनुसरण करते हुए सभी हिंदुओं को एक करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथन “बटेंगे तो कटेंगे” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अतः हमें बंटना नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज को एकजुट करना है।
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि सनातन धर्म सदैव से ही वसुधैव कुटुंबकम् की भावना को आत्मसात करता आया है और पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखता है। सनातनी जहां भी जाता है, वह संपूर्ण विश्व के कल्याण की कामना करता है।
विश्व हिंदू महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, कालिकापीठाधीश्वर महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत महाराज ने कहा कि सभी सनातनियों को एकजुट करने के उद्देश्य से सनातन हिंदू महोत्सव का आयोजन किया गया है, जिसका संदेश न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में जाएगा और सभी हिंदू एकजुट होंगे।
आनंदपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि महाराज ने कहा कि सभी हिंदुओं को एकजुट कर सनातन धर्म को सशक्त करने का कार्य संत ही कर सकते हैं। विश्व हिंदू महासंघ की अंतरराष्ट्रीय अध्यक्षा अस्मिता भंडारी तथा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत महाराज इस दिशा में प्रभावी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ सनातन धर्म की ध्वजा को विश्वभर में फहराने का कार्य कर रहे हैं।
विश्व हिंदू महासंघ की अंतरराष्ट्रीय अध्यक्षा अस्मिता भंडारी ने कहा कि आज समय की मांग है कि भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के सनातनी एकजुट हों, तभी मानवता का वास्तविक कल्याण संभव है।
महोत्सव की अध्यक्षता करते हुए कालिकापीठाधीश्वर महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में देश में विभिन्न प्रकार के जिहाद के माध्यम से हिंदू समाज को तोड़ने और कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में सबसे पहले संतों का एकजुट होना आवश्यक है, क्योंकि परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म को जोड़ने व एकजुट करने का कार्य केवल संत ही कर सकते हैं।
इस अवसर पर दिल्ली संत महामंडल के महामंत्री महामंडलेश्वर नवल किशोर दास महाराज, महामंत्री महामंडलेश्वर कंचन गिरि महाराज, कोषाध्यक्ष धीरेंद्र पुरी महाराज, विश्व हिंदू महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष योगी तेजपाल सिंह जी, विक्रम गोस्वामी, योगी प्रवीण कुमार दिल्ली, उपाध्यक्ष महामंडलेश्वर सत्यम गिरि महाराज, जगद्गुरु कुमार स्वामी महाराज, महामंडलेश्वर जलेश्वरानंद गिरि महाराज, महंत गिरिशानंद गिरि महाराज, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष भिखारी राम प्रजापति, सांसद मनोज तिवारी, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, भाजपा विधायक टी. राजा, पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय परिवर्तन दल के अध्यक्ष डी. पी. यादव, धर्मेंद्र गोस्वामी, पंडित अमित शर्मा, शुभेंदु शर्मा सहित अनेक संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अखिल भारतीय योगी नाथ उपाध्याय समाज सेवा संगठन रजि० S-E/1825 के उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष चमन उपाध्याय जी संजय उपाध्याय विपिन उपाध्याय जी डिम्पल जोगी दीपक उपाध्याय जी के संगठन के सैकड़ों पदाधिकारियों सहित हजारों कार्यकर्ता समस्त भारत से पहुंचे।





